Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जल जीवन मिशन पर सरकार से मांगी रिपोर्ट

|
Published On: October 15, 2026

जल जीवन मिशन योजना, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में ग्रामीण परिवारों तक नल के जरिए साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाना है की प्रगति, अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की निगरानी में है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की और छत्तीसगढ़ सरकार पर जल जीवन मिशन की कार्यप्रगति पर रिपोर्ट देने का दबाव बनाया।

आखिर हाईकोर्ट को क्यों हस्तक्षेप करना पड़ा?

दरअसल जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता को लेकर आ रहीं शिकायतों के बाद, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर इसकी प्रगति की निगरानी शुरू की है। जिसमें रेखांकित किया गया है की इस योजना का उद्देश्य सिर्फ पाइप बिछाना ही नहीं, बल्कि पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जिसका मुख्य उद्देश्य है की ग्रामीण इलाकों के हर घर तक घरेलू नल कनेक्शन पहुंचे।

जमीनी स्तर पर योजना की स्थिति और उपलब्ध धनराशि का कहां उपयोग हुआ ?

मई 2026 की हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर ने व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल किया था। जिसमें बताया गया था कि केंद्र से 536.53 करोड़ रुपए की राशि राज्य सरकार को प्राप्त हुई है। जिस पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इसके बाबत केंद्र और राज्य सरकार—दोनों ही पक्षों से मामले की ताजा स्थिति बताने वाले नए शपथपत्र मांगे थे।

जल जीवन मिशन योजना में खर्च धनराशि इतनी महत्वपूर्ण क्यों?

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को प्राप्त जानकारी के अनुसार, 2019-20 से 2025-26 के कालखंड में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से जल जीवन मिशन में मई माह में मिशन डायरेक्टर की ओर से दाखिल शपथपत्र के अनुसार केंद्र सरकार से अब तक 6,178.33 करोड़ रुपए और राज्य सरकार की ओर से 9,603.69 करोड़ रुपए जारी किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है।

जिससे अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कितने नल लगाए गए, बल्कि महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए पैसों का इस्तेमाल किस तरह हुआ और उससे वास्तविक रूप से कितने ग्रामीण परिवारों को लाभ मिला।

14 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ विधानसभा में रखी गई थी CAG की रिपोर्ट 2026

CAG ने मार्च 2024 तक की अवधि के जल जीवन मिशन के प्रदर्शन का ऑडिट किया और जल जीवन मिशन में योजना-निर्माण, फंड मैनेजमेंट, परियोजनाओं के क्रियान्वयन, पानी की गुणवत्ता की निगरानी और लक्ष्यों की प्राप्ति से संबंधित कई कमियां दर्ज कीं। जिसे ही आधार बनाकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अब छत्तीसगढ़ सरकार को सिर्फ कागजों पर प्रगति नहीं, बल्कि वास्तविक क्रियान्वयन और परिणाम की जानकारी देने को कहा।

सरल शब्दों में सरकारी दावों में जल जीवन मिशन के तहत काम जारी है और केंद्र व राज्य सरकार दोनों ने फंड जारी रखी है। और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फोकस, अब पैसा कितना आया, कहां खर्च हुआ, काम कितना हुआ और ग्रामीण परिवारों को वास्तव में पानी मिल रहा है या नहीं पर है। इस बीच CAG रिपोर्ट 2026, जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन में कई स्तरों पर कमियां और वृत्तीय अनियमितता की ओर संकेत करते है।

छत्तीसगढ़_उच्च_न्यायालय_बिलासपुर
CAG Audit Report, Chhattisgarh High Court, Jal Jeevan Mission CAG Report 2026, Jal Jeevan Mission Chhattisgarh, Jal Jeevan Mission Fund, ग्रामीण पेयजल योजना, छत्तीसगढ़ CAG रिपोर्ट, छत्तीसगढ़ सरकार, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, जल जीवन मिशन, जल जीवन मिशन CAG रिपोर्ट 2026, जल जीवन मिशन अनियमितता, जल जीवन मिशन घोटाला, जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़, जल जीवन मिशन प्रगति रिपोर्ट, जल जीवन मिशन फंड, जल जीवन मिशन हाईकोर्ट सुनवाई, हर घर नल योजना

Leave a Comment